Kavita & Shayari

शाम हो गई, उतर लिए ऑफिस की सीढ़ियां
शाम हो गई, उतर लिए ऑफिस की सीढ़ियां, बीत गया ये दिन, और जोड़ी है हमने यादों की कड़ियाँ, ऑफिस से घर को जोड़ती चौड़ी और सँकरी सड़क, सड़क के दोनों किनारे छितराया जीवन, मौन-बतकही, प्यार-नफरत, खुशी और गम,  सबकी सुध लेते हुए बेसुध से हैं हम,  डूब गया सूरज हो गयी साँझ, आगे है सपनों वाली रात, कल फिर होगा एक नया सवेरा और होगी नई बात।
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माँ सरस्वती

माँ सरस्वती
विद्या दायिनी माता तू है हंस वाहिनी, तेरे चरणों में शीष झुकता मैं अपनी, कृपा कर के मैया दे तू अपना आशीष, तू है स्वर की दाता, तू ही वर्णो की ज्ञानी।🙏 #BasantPanchami #SaraswatiPuja #बसंतपंचमी #LessonSKG
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सुबह की चाय

सुबह की चाय
नींद से जगाती तू ख्वाबों की गर्माहट है मेरी, तेरी उबाल ही तो साँसों की सुगबुगाहट है मेरी, आज लफ़्ज़ों को चाय पर बुलाया है मैंने, क्योंकि तेरे हर घूंट में बसती जिंदगानी है मेरी। #Morning_Tea #Teaaddict #Writing #Blog #First_Click_On_My_Iphone #LessonSKG #Shayari #Poem
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दिसंबर की धूप
बड़ी है नशीली दिसंबर की धूप, कुछ है लजीली दिसंबर की धूप। तेरी छत से मेरी छत तक, छनकर छितराती है दिसंबर की धूप।   छूना चाहूँ पर छू ना पाऊं, बाँधू तो बांध ना पाऊं, चन्दन सी महकती दिसंबर की धूप, "सूरज" की अंगड़ाई है दिसंबर की धूप।
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तेरी तस्वीर

तेरी तस्वीर

तेरी तस्वीरों के साथ ही अक्सर हम रहा करते है,
तू रहती है मुझसे दूर, तेरी जुस्तजू ही सही,
तेरे तस्वीर के साथ वक़्त बिता लिया करते है।

कहती हो, मेरी तस्वीर मिटा दिया क्यों नहीं करते,
कम्बखत, तेरी तस्वीर देख कर हम जिया करते है।🙂

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